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Home » ठंड में और भी खूबसूरत हुए छत्तीसगढ़ के टूरिस्ट प्लेस:गंगरेल-घटारानी, चित्रकोट घूमने के लिए 7 बेस्ट जगहें, जानिए कैसे पहुंचें, ठहरने-खाने की क्या सुविधाएं
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ठंड में और भी खूबसूरत हुए छत्तीसगढ़ के टूरिस्ट प्लेस:गंगरेल-घटारानी, चित्रकोट घूमने के लिए 7 बेस्ट जगहें, जानिए कैसे पहुंचें, ठहरने-खाने की क्या सुविधाएं

By adminJanuary 27, 2026No Comments4 Mins Read
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ठंड के मौसम में छत्तीसगढ़ की प्रकृति अपने पूरे शबाब पर है। हरियाली, झरने और जंगलों का माहौल दिल को खुश कर रहा है। जनवरी की छुट्टियों में अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो धमतरी का गंगरेल डैम और रायपुर के पास घटारानी बेस्ट ऑप्शन हैं। ये जगहें न सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर हैं, बल्कि यहां वाटर स्पोर्ट्स, पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन माहौल है। यहां हरियाली, झरने, वाटर स्पोर्ट्स और पिकनिक के साथ फोटोग्राफी का भी शानदार मौका मिलेगा। घूमने-फिरने, खाने-पीने के साथ भरपूर मौज-मस्ती कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के 7 टूरिस्ट प्लेस सरगुजा में मैनपाट, चिल्फी घाटी में भोरमदेव, धमतरी में गंगरेल, बलौदाबाजार में बारनवापारा, गरियाबंद में जतमई-घटारानी, ​​जगदलपुर में चित्रकोट और बालोद में ओना-कोना शामिल हैं। यहां कैसे पहुंचें, ठहरने की क्या व्यवस्था है सब कुछ विस्तार से जानिए… जानिए रायपुर से करीब के कुछ टूरिस्ट स्पॉट के बारे में जतमई मंदिर गरियाबंद जिले के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर जतमई माता को समर्पित है, जो हिंदू धर्म की देवी दुर्गा का एक रूप हैं। यह एक धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं। मंदिर के बिल्कुल करीब झरना बहता है। जंगलों से घिरा मंदिर और सफेद बहता पानी देखना मन और आंखों को सुकून देता है। धमतरी के गंगरेल बांध को पर्यटन के लिहाज से बेहद खूबसूरती से विकसित किया गया है। यहां एक सुंदर गार्डन है। पर्यटकों को ‘सी बीच’ का अहसास देकर उत्साह जगाने के लिए करीब एक किलोमीटर के दायरे में आर्टिफिशियल बीच तैयार किया गया है। जहां बैठकर परिवार और दोस्तों के साथ आनंद ले करते हैं। यहां कमांडो नेट, रोप लाइनिंग, जिप लाइनिंग, वाटर साइकिल, कयाक, पैरासेलिंग, आकटेन समेत कई तरह के एडवेंचर की व्यवस्था है। यहां 50 रुपए से लेकर 4,000 रुपए में अलग-अलग तरह की बोटिंग की जा सकती है। यह एक निर्माणाधीन मंदिर है, लेकिन सोशल मीडिया फोटो शूट के लिहाज से एक खूबसूरत स्पॉट है। छत्तीसगढ़ के एक कोने में बसा ये भव्य मंदिर बालोद जिले से लगभग 35 से 40 किलोमीटर दूर NH-30 जगदलपुर रोड पर स्थित है। माना जाता है कि ये गंगरेल का अंतिम छोर भी है। चिल्फी घाटी और भोरमदेव, छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित दो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। चिल्फी घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरे-भरे दृश्यों के लिए जानी जाती है, जबकि भोरमदेव मंदिर अपने ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह घाटी कवर्धा जिले में मैकल पर्वत श्रृंखला में स्थित है। बारिश के मौसम में यहां ड्राइविंग करना सभी को पसंद आता है। इसी रास्ते में रानी-धारा झरना देखा जा सकता है। यहां की हरियाली, हरे-भरे जंगली इलाके में ड्राइव मन काे सुकून देने वाली होगी। वैसे तो यहां वाइल्ड लाइफ सेंचुरी है, लेकिन मानसून में इसे बंद कर दिया जाता है। मगर कुदरती हरियाली, शांत वातावरण का मजा लिया जा सकता है। इस इलाके में कुछ ऐसे रिसॉर्ट हैं, जहां वन नाइट स्टे कर सकते हैं। रायपुर लौटते समय खिड़की से जंगली जानवर भी दिख जाते हैं। मैनपाट में झरने और कई दर्शनीय स्थलों के साथ ही टाउ की फसल लोगों को आकर्षित करती है। तिब्बती समुदाय के कैंप भी देखने लायक हैं। सात अलग-अलग तिब्बती कैंपों में शांति के ध्वज यहां हवा में लहराते हैं जो अलग से सुकून देते हैं। बौद्ध मठ, मंदिर भी यहां दर्शन के लिए हमेशा खुले रहते हैं। मैनपाट में यहां भी घूम सकते हैं- इस जल प्रपात का आकार घोड़े की नाल की तरह है। यहां इंद्रावती नदी का पानी लगभग 90 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। बारिश के दिनों में 7 से ज्यादा धाराएं नीचे गिरती हैं। ठंड और गर्मी के समय 2 से 3 धाराएं गिरती हैं। इस वॉटरफॉल के नीचे एक छोटी सी गुफा में चट्टानों के बीच शिवलिंग स्थित है। जल प्रपात से नीचे गिरने वाले पानी से सालभर शिवलिंग का जलाभिषेक होता है। कहा जाता है कि नाविक यहां भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। हालांकि बारिश के दिनों में शिवलिंग तक पहुंचा नहीं जा सकता। गर्मी और ठंड के मौसम में पर्यटकों के कहने पर ही नाविक शिवलिंग तक पर्यटकों को लेकर जाते हैं।



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