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Home » छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना…फिर बढ़ेगी ठंडी:अंबिकापुर सबसे ठंडा, 31.5°C के साथ राजनांदगांव सबसे गर्म, बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा, महीनेभर में 400 केस
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छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना…फिर बढ़ेगी ठंडी:अंबिकापुर सबसे ठंडा, 31.5°C के साथ राजनांदगांव सबसे गर्म, बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा, महीनेभर में 400 केस

By adminJanuary 27, 2026No Comments6 Mins Read
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छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बन रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से 28 जनवरी को उत्तर छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं तापमान की बात करें तो उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.1°C अंबिकापुर में रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 28-29 जनवरी को सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं कहीं-कहीं गरज-चमक की संभावना है। मौसम पूरी तरह नहीं बिगड़ेगा, लेकिन बादल और हल्की फुहार संभव है। 30 जनवरी को नया पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के बाद उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। रात और सुबह ठंड ज्यादा महसूस होगी, खासकर पहाड़ी इलाकों में। रायपुर समेत अन्य जिलों में सुबह धुंध या हल्का कोहरा रह सकता है। दिन में मौसम साफ और हल्की गर्मी बनी रहेगी। ठंड की ये तस्वीरें देखिए… तीन तरह से सिनोप्टिक सिस्टम बने, इसलिए बदल रहा मौसम इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। जो ऊपर की हवाओं में एक लंबी नाली (गर्त) की तरह सक्रिय है। यह जमीन के पास नहीं, बल्कि करीब 5-6 किमी ऊंचाई पर चल रहा है। आसान शब्दों में कहें तो:ऊपर की हवाओं में हलचल बनी हुई है, जो बादल बनने और मौसम बदलने की वजह बनती है। इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर बहुत ऊंचाई पर तेज रफ्तार हवाएं (जेट स्ट्रीम) बह रही हैं। इनकी स्पीड करीब 125 नॉट (बहुत तेज) है और ये 12-13 किमी ऊंचाई पर हैं। ये तेज हवाएं मौसम को आगे खिसकाने और अचानक बदलने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। संभावना है कि 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में एंट्री कर सकता है। मतलब एक और सिस्टम आने वाला है, जो मौजूदा हलचल को और मजबूत कर देगा। बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है। क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाए जा रहे हैं। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए थे, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है। वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े। सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करें गर्म पानी से भाप लेना फायदेमंद अगर बंद नाक की समस्या है तो गर्म पानी से भाप लेना बेहद फायदेमंद है। भाप नाक के जरिए हमारे शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है। नाक में जमा म्यूकस भाप की गर्मी से ढीला हो जाता है, जिससे बंद नाक की समस्या दूर हो सकती है। इसके लिए एक बाउल में गर्म पानी लें। फिर सिर को एक कॉटन टॉवेल से ओढ़ लें। इसके बाद बर्तन का ढक्कन हटाकर 5 से 10 मिनट तक भाप लें। गले में खराश होने पर करें नमक-पानी के गरारे आमतौर पर गले में खराश वायरस के कारण होती है। नमक-पानी के गरारे से इसमें राहत मिलती है। अगर सर्दी-खांसी ज्यादा है तो नमक-पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां भी मिला सकते हैं। तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-खांसी में काफी आराम पहुंचाते हैं। इसके लिए कम-से-कम एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच नमक घोलकर गरारे कर सकते हैं। विटामिन C रिच डाइट लें विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है। अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं। इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।



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