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छत्तीसगढ़ के धमतरी में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस साल समारोह में एक ऐतिहासिक पल देखा गया, जब 10 आत्मसमर्पण नक्सलियों ने पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम को शुरू से अंत तक देखा। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने एकलव्य खेल मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर 14 प्लाटूनों ने प्रभावशाली मार्च पास्ट किया और हर्ष फायर भी किया गया। परेड के बाद मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ा गया। गणतंत्र दिवस परेड में जिला पुलिस बल, नगर सैनिक, एनसीसी, स्काउट-गाइड और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों ने भाग लिया। अलग-अलग शासकीय और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 11 विभागों की झांकियां भी निकाली इसके अलावा 11 विभागों की झांकियां भी निकाली गईं, जिनमें सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि गणतंत्र दिवस संविधान के मूल्यों का प्रतीक है, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। एसपी ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों का इस समारोह का साक्षी बनना उनके जीवन का पहला अनुभव है और यह उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। नक्सल मुक्त धमतरी को लेकर नई शुरुआत का भरोसा अजय चंद्राकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के लिए 31 मार्च के बाद एक नई सुबह होगी और नक्सल मुक्त होना एक बहुत अच्छी बात है, क्योंकि जिस जिले में कानून व्यवस्था मजबूत होती है, वह सभी मानकों पर खरा उतरता है।
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