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कोंडागांव में 28 और 29 जनवरी 2026 को जिला स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ का आयोजन किया जाएगा। 2 दिवसीय यह आयोजन स्थानीय ऑडिटोरियम में संपन्न होगा। पहले दिन, 28 जनवरी को जनजातीय नृत्य, गीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, जनजातीय वेशभूषा, आभूषण और वन औषधियों की प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। दूसरे दिन, 29 जनवरी को जनजातीय नाट्य, चित्रकला और पारंपरिक पेय पदार्थों का प्रदर्शन होगा। दर्शक स्थानीय व्यंजनों, शिल्पकला और बस्तर के आंचलिक साहित्य से भी रूबरू हो सकेंगे। 536 विजेता प्रतिभागी दिखाएंगे कला इस जिला स्तरीय आयोजन में बस्तर पंडुम की कुल 12 विधाओं के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर चयनित 536 विजेता प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ये कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से बस्तर की अनूठी पहचान को उजागर करेंगे। राज्य सरकार द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह उत्सव शुरू किया गया है। इस सांस्कृतिक उत्सव में बस्तर अंचल की विविध जनजातीय कलाओं और परंपराओं की मनोहारी झलक देखने को मिलेगी। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर संभाग की लोककला, रीति-रिवाज, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी कला को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होगा। बस्तर पंडुम 2026 बस्तर की जीवंत संस्कृति का उत्सव बनकर उभरेगा, जहाँ परंपरा, प्रतिभा और पहचान का संगम होगा।
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