![]()
दक्षिण वन मंडल कोंडागांव ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर अमरावती रेंज में एक अनुकरणीय पहल की है। ऐतिहासिक जंगलों के बीच स्थित उपेक्षित दलदली भूमि और विशाल तालाब को एक आकर्षक पर्यटन स्थल और जैव विविधता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह स्थान अब प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और प्रवासी पक्षियों के लिए एक नया ठिकाना बन गया है। घने वनों की हरियाली के बीच विकसित यह क्षेत्र न केवल आम नागरिकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया जैसे ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का भी सुरक्षित आश्रय बन गया है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में ये पक्षी लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं, खासकर प्रजनन काल के दौरान, और बच्चों के साथ वापस लौट जाते हैं। दक्षिण वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा, “दलदली भूमि प्रकृति की धरोहर है। इसे संरक्षित कर हम न केवल वन्यजीवों बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित कर रहे हैं। अमरावती रेंज का यह विकास कार्य पर्यावरण और पर्यटन के बीच संतुलन का एक अच्छा उदाहरण है।” रेंजर प्रतीक वर्मा ने बताया, “यह क्षेत्र अब सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि लोगों के लिए सीखने और प्रकृति से जुड़ने का केंद्र बन गया है। प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि हमारा संरक्षण कार्य सही दिशा में है।”
<
