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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 17 और 18 जनवरी को राजस्व, नगरपालिका और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चट्टानपारा स्थित 118 कच्चे-पक्के मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ये मकान निस्तार वन की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद से राजनीति गरमा गई है। बुधवार को बुलडोजर कार्रवाई के पीड़ितों के समर्थन में विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने न्यू बस स्टैंड स्थित अंबेडकर प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगें रखीं। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि जब गरीब आदिवासियों और डीआरजी जवानों के मकान तोड़े जा रहे थे, तब भाजपा के ठेकेदारों को नियमों के खिलाफ जमीनें आवंटित की गईं। कार्रवाई ठेकेदारों और प्रभावशाली नेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है। विधायक के आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम और सांसद प्रतिनिधि जिलाराम राणा ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यह बुलडोजर कार्रवाई विधायक की मांग पर ही की गई थी। जब घर तोड़े जा रहे थे, तब विधायक अपने घर के उद्घाटन में व्यस्त थे। भाजपा नेता को जमीन आवंटित करने का आरोप विक्रम मंडावी ने भाजपा नेता और ठेकेदार संजय लुंकड़ को नए पुलिस लाइन के पास 5 एकड़, पुरानी पुलिस लाइन और एनएच किनारे 35 डिसमिल, ट्रैफिक ऑफिस के पास परिजन के नाम पर 5 डिसमिल, जैतालुर पेट्रोल पंप के पास 30 डिसमिल, निवास के पास 10 डिसमिल और पेट्रोल पंप के लिए 20 सूत्रीय जमीन आवंटित किए जाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेत्री पर जमीन कब्जाने का आरोप इधर, भाजपा नेताओं ने संजय लुंकड़ पर लगे अवैध कब्जे के आरोपों का खंडन करते हुए कांग्रेस नेत्री नीना रावतिया उद्दे पर 5 एकड़ और पुरुषोत्तम सल्लूर पर 20 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके पास कांग्रेस के 25 नेताओं के अवैध अतिक्रमण की सूची मौजूद है।
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