राउरकेला | आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. राजकुमार यादव ने आबकारी विभाग और महुआ कारोबार से जुड़े कथित गठजोड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग दबाव में काम कर रहा है और उसे सुनियोजित तरीके से कठपुतली बना दिया गया है। डॉ. यादव के अनुसार, जो लोग पहले कांटा (स्क्रैप) व्यवस्था में सक्रिय थे, वही अब महुआ कारोबार में प्रवेश कर प्रभाव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे छोटे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच और महुआ कारोबार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर वे मामला उच्च स्तर तक ले जाएंगे।
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