Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से खास बातचीत:घर में जब साइंस से जुड़ी बातें होंगी, तभी निकलेंगे साइंटिस्ट, बच्चों पर घर के माहौल का बहुत असर पड़ता है
Breaking News

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से खास बातचीत:घर में जब साइंस से जुड़ी बातें होंगी, तभी निकलेंगे साइंटिस्ट, बच्चों पर घर के माहौल का बहुत असर पड़ता है

By adminFebruary 4, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
orig 15 1 1770160807
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



orig 15 1 1770160807
नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला स्पेस सेंटर बनकर तैयार हो गया है। राखी गांव के सरकारी स्कूल में बनाए गए इस एडवास स्पेस सेंटर का लोकार्पण करने अशोक चक्र अलंकृत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला रायपुर पहुंचे। शुभांशु इंडियन एयर फोर्स में ग्रुप कैप्टन और टेस्ट पायलट हैं। वे गगनयान मिशन के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय भी हैं। रायपुर प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की और अनुभव और विचार साझा किए… रायपुर में स्पेस सेंटर की शुरुआत को आप कैसे देखते हैं? क्या ये भारत के स्पेस इकोसिस्टम में बदलाव की शुरुआत है?
-हां बिल्कुल, यह दिखता है कि अब भारत में स्पेस सेक्टर में समग्र ग्रोथ की शुरुआत हो गई है। स्पेस स्टडी एक रोचक विषय है। इसमें नॉलेज के साथ-साथ प्रैक्टिकल एक्सपेरिमेंट्स से समझने की जरूरत होती है। साइंस लैब के जरिए बच्चों को इस सब्जेक्ट में बेहतर अंडरस्टैंडिंग मिलेगी। रायपुर के लोगों को स्पेस में करियर ऑप्शन्स के बारे अवेयरनेस भी मिलेगी। भारत में प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे क्या फायदा होगा?
-पिछले 5 सालों में देश में स्पेस स्टार्टअप्स, टू डिजिट्स में सिमटे हुए थे। आज ये संख्या बढ़ कर 350 के करीब पहुंच चुकी है। देश ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी हमारे स्टार्टअप्स अपना योगदान दे रहे हैं। मैं इसे बहुत बड़ी उपलब्धि मानता हूं। इससे पता चलता है कि स्पेस सेक्टर में काम करने के लिए हर फील्ड के लोग जुड़ सकते हैं। कई पेरेंट्स स्पेस साइंस जैसे करियर को जोखिम भरा मानते हैं, क्या कहेंगे?
– कई पेरेंट्स तो क्या, मेरे अपने पेरेंट्स भी स्पेस साइंस को जोखिम भरा मानते थे। जब बात आई गगनयान मिशन की तो वे भी सोच में पड़ गए थे।
हां यह फील्ड चैलेंजिंग है। मगर हर फील्ड के अपने चैलेंज होते हैं। कोई फील्ड बिना चैलेंज के नहीं होती है। बस आपको अपनी तैयारी और फिटनेस पर भरोसा होना चाहिए। शुभांशु साइंस रिसर्च में भी दे रहे योगदान: माईक्रोग्रेविटी में होने वाले कैंसर और मसल स्टेम सेल पर रिसर्च
शुभांशु ने जून 2025 में आईएसएस में रहते हुए एग्जिओम मिशन के दौरान लो-अर्थ ऑर्बिट पर होने वाले कैंसर सेल बिहेवियर पर स्टडी की। जिससे माईक्रोग्रेविटी से होने वाले कैंसर के ट्रीटमेंट पर काम किया जा सके। साथ ही स्पेस में ह्यूमन हेल्थ अंडरस्टैंडिंग के लिए क्रू के साथ कई बायो मेडिकल एक्सपेरिमेंट्स किए। इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक स्पेस ट्रेवल करने के कारण होने वाले मसल डीग्रेडेशन की रोकथाम के लिए स्टेम सेल कल्चर को इग्जामिन किया। “स्पेस ब्रिक्स’ बनाने पर कर रहे हैं काम:
शुभांशु वर्तमान में मास्टर्स डिग्री के लिए आईआईएससी बेंगलुरु में अध्ययनरत हैं। रिसर्चर्स की टीम के साथ वे बेंगलुरु की मिट्टी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से “स्पेस ब्रिक्स” बनाने पर रिसर्च कर रहे हैं। जिससे आने वाले समय में मार्स प्लेनेट पर रोड्स, लॉन्च पैड्स और रोवर लैंडिंग साइट्स बनाई जा सकेंगी। इससे लैंडिंग मिशंस और नेविगेशन में सहायता होगी। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है? स्पेस साइंस फील्ड में करियर बनाने के लिए शुरुआती कदम क्या होने चाहिए?
-स्कूल की पढ़ाई ही शुरुआती कदम है। यही आपके भविष्य का निर्माण करती है। इसलिए पढ़ाई पर अच्छे से ध्यान दें। आप जितना पढ़ेंगे, चीजों को उतने अच्छे से समझ सकेंगे। साथ ही बड़ों को भी घर में “डिनर टेबल कन्वर्सेशन’ को बदलना चाहिए। जब घर में साइंस से जुड़ी बातें होंगी तभी बच्चों में उसके प्रति इन्ट्रेस्ट डेवेलप होगा। बच्चों पर घर के माहौल का बहुत असर पड़ता है। राज्य के हर जिले में खुलेगा अंतरिक्ष संगवारी केंद्र: साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने हर जिले में अंतरिक्ष संगवारी केंद्र खोले जाने की घोषणा की। अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को आकार देने वाली प्रयोगशाला है। इससे छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव तैयार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप कैप्टन डॉ. शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

पूर्व मेयर के भतीजे ने स्कूल संचालक से गाली-गलौज की:रायपुर में शोएब ने गाड़ी को टक्कर मारी, जान से मारने की धमकी दी, FIR

February 9, 2026

Chhattisgarh Teachers Protest Principal Posting

February 9, 2026

रायगढ़ में तापमान में गिरावट, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री:सप्ताहभर बाद रात में फिर ठंड का अहसास, ठंडी हवाएं चलीं;आने वाले दिनों में बढ़ेगा तापमान

February 9, 2026

Comments are closed.

samvad add
विज्ञापन
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

059881
Views Today : 8
Views Last 7 days : 3106
Views Last 30 days : 8062
Total views : 77624
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.